Wednesday, April 3, 2013

देखन में छोटन लगे !


आज बहुत दिनों के बाद फुर्सत से बालाजी हेयर कटिंग सैलून वाले ने मेरी हजामत बनायीं. लोकल बॉडी टैक्स लगने के चलते पूना की सभी दुकानें बंद थीं. मेरे पूछने पर उसने बताया कि उसे भी दो लोग बंद करने को कह गए हैं. उसने बताया कि यहाँ भाऊ लोगों का तो डर नहीं है पर तरीके-तरीके से हाथ उमेठा जाता है. साल में 15-20 हज़ार चंदे में ही निकल जाते हैं. उसने यह भी बताया कि महीने में सब दे-लेकर 25-30 हज़ार की आमदनी हो जाती है. इतना तो यहाँ के एम०बी०ए० पास ई-क्लर्क का टेक-होम वेतन भी नही होगा.
मैं थोड़ा भी आश्चर्यचकित नहीं था. अभी कुछ दिन पहले में चेम्बूर से लोकल पकड़ने के पहले चाय पीने स्टाल पर गया. वहाँ एक बैसाखी वाले भिखारी ने काउंटर पर अपनी झोली उड़ेल रखी थी. करीब 3-4 किलो रेजगारी थी जिसमें पांच का सिक्का कम से कम 200 के आस-पास रहा होगा. चाय वाले ने बताया कि उस भिखारी की एक दिन की कमाई 5000 रुपये है. महीने का 1.5 लाख तो IIM वालों को ही मिलता है.
बहुत पहले मैं यह सब सुनकर भौचक रह जाता था , अब नहीं. जब 2000 में में पहली बार पूना आया था तब यहाँ लोग सड़क या पब्लिक प्लेस में सिगरेट पीना बंद कर चुके थे. मुझे भी जब सिगरेट पीना होता तो सड़क के स्टाल पर ही खड़े होकर पी लेता था.
सामने सड़क के पार, एक बहुमंजिला अपार्टमेंट बन रहा था. यकीनन , 4 करोड से ऊपर का प्रोजेक्ट लग रहा था. मैं हरदम उसे ललचाई दृष्टि से देखता था. काश, इसमें मेरी बेटी एक फ्लैट ले लेती. मैंने चौरसिया पान-सिगरेट बेचने वाले से वहाँ फ्लैट की कीमत जाननी चाही. उसने बताया कि यहाँ 2BHK की कीमत 10-15 लाख के आसपास है. जो सड़क और बाजार के आसपास हैं उनकी कीमत ज्यादा है. उसने मुझे कहा कि अगर फ्लैट लेना हो तो वह मेरी मदद कर सकता है. मैंने उसे बताया कि अगर मुझे फ्लैट लेना होगा तो उस सामने वाले बनते हुए में ही लेना चाहूँगा. उसने कहा कि तब तो आपका काम और आसान हो गया वह बनता एपार्टमेंट मेरा ही है.

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